स्वच्छता व्यवस्था पर उठे सवाल, अधिवक्ताओं के भवन की छतों पर जाले और गंदगी
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Published - 01 June 2026 45 views
स्वच्छता व्यवस्था पर उठे सवाल, अधिवक्ताओं के भवन की छतों पर जाले और गंदगी
नेशनल न्यूज १रायबरेली रिपोर्ट कपिल त्रिपाठी
सलोन, रायबरेली। स्वच्छता को लेकर केंद्र और प्रदेश सरकार द्वारा लगातार जागरूकता अभियान चलाए जा रहे हैं। सार्वजनिक स्थलों, कार्यालयों तथा सरकारी भवनों को साफ-सुथरा रखने के निर्देश भी समय-समय पर जारी किए जाते हैं, लेकिन धरातल पर कई स्थानों पर इन निर्देशों का पालन होता दिखाई नहीं देता। इसका एक उदाहरण सलोन तहसील परिसर स्थित अधिवक्ताओं के बैठने वाले भवन में देखने को मिला, जहां छतों पर जाले और गंदगी का जमाव स्वच्छता व्यवस्था की पोल खोलता नजर आया।जानकारी के अनुसार अधिवक्ताओं के उपयोग में आने वाले भवन की छतों पर लंबे समय से जाले लगे हुए हैं। इतना ही नहीं, छत पर लगे पंखों में भी धूल और जालों की मोटी परत दिखाई दी। भवन में प्रतिदिन बड़ी संख्या में अधिवक्ता, वादकारी और अन्य लोग आते-जाते हैं, लेकिन सफाई व्यवस्था की ओर अपेक्षित ध्यान नहीं दिया जा रहा है।अधिवक्ता अपने न्यायिक कार्यों, वकालतनामा, फाइलों की तैयारी और अन्य कानूनी प्रक्रियाओं में व्यस्त रहते हैं। ऐसे में उनकी निगाहें अक्सर मेज और दस्तावेजों तक ही सीमित रहती हैं। जब कभी उनकी नजर ऊपर छत की ओर जाती है तो जाले और गंदगी देखकर असहजता महसूस होती है। कई लोगों का कहना है कि भवन की नियमित सफाई न होने से वातावरण भी प्रभावित होता है।समाज में यह मान्यता भी प्रचलित है कि घर, मकान और भवनों में जाले तथा गंदगी रहने से नकारात्मकता का वातावरण बनता है। धार्मिक ग्रंथों और परंपरागत मान्यताओं में भी स्वच्छता को सुख-समृद्धि तथा सकारात्मक ऊर्जा का आधार माना गया है। हालांकि यह आस्था और विश्वास का विषय है, लेकिन स्वच्छता का महत्व स्वास्थ्य और बेहतर कार्य वातावरण के लिए निर्विवाद रूप से आवश्यक माना जाता है।स्थानीय लोगों का कहना है कि तहसील जैसे महत्वपूर्ण सरकारी परिसर में साफ-सफाई की व्यवस्था और अधिक प्रभावी होनी चाहिए। नियमित रूप से छतों, दीवारों, पंखों और भवन के अन्य हिस्सों की सफाई कराई जाए ताकि अधिवक्ताओं तथा आम नागरिकों को स्वच्छ वातावरण मिल सके।स्वच्छता केवल अभियान तक सीमित न रहकर व्यवहार में भी दिखाई दे, इसके लिए जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों को समय-समय पर निरीक्षण कर आवश्यक कदम उठाने चाहिए। तहसील परिसर में जाले और गंदगी का यह दृश्य साफ संकेत देता है कि सफाई व्यवस्था पर और अधिक ध्यान देने की आवश्यकता है, जिससे सरकारी भवनों की गरिमा बनी रहे और आने वाले लोगों को स्वच्छ एवं सकारात्मक वातावरण प्राप्त हो सके।
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