बारिश और आकाशीय बिजली का कहर: रायबरेली में गांव से शहर तक पानी-पानी, विकास कार्यों की खुली पोल
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Published - 31 August 2026 10 views
बारिश और आकाशीय बिजली का कहर: रायबरेली में गांव से शहर तक पानी-पानी, विकास कार्यों की खुली पोल
नेशनल न्यूज १रायबरेली रिपोर्ट कपिल त्रिपाठी,
रायबरेली। जिले में इन दिनों मानसूनी बारिश और आकाशीय बिजली का कहर लगातार जारी है। गांव हों या कस्बे, शहर की गलियां हों या खेत-खलिहान—कई इलाकों में हर तरफ पानी ही पानी नजर आ रहा है। लगातार हो रही बारिश जहां किसानों और आमजन के लिए राहत लेकर आई है, वहीं दूसरी ओर जलभराव, जर्जर सड़कों, टूटे नालों और अधूरे विकास कार्यों ने लोगों की मुश्किलें भी बढ़ा दी हैं। बारिश ने सरकारी योजनाओं और विकास कार्यों की गुणवत्ता की हकीकत भी सामने ला दी है।जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में बारिश के कारण कच्चे और संपर्क मार्गों की स्थिति खराब हो गई है। जगह-जगह कीचड़ और जलभराव होने से ग्रामीणों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कई स्थानों पर सड़कों के किनारे जलनिकासी की समुचित व्यवस्था नहीं होने से बारिश का पानी मार्गों पर जमा हो गया है। इससे पैदल चलने वालों के साथ-साथ दोपहिया और चारपहिया वाहन चालकों को भी परेशानी उठानी पड़ रही है।
शहर और कस्बाई इलाकों में भी हालात इससे अलग नहीं हैं। नालियों की सफाई और जलनिकासी व्यवस्था की हकीकत तेज बारिश के बाद सामने आ रही है। कई मोहल्लों में सड़कें तालाब में तब्दील हो गईं। कहीं नालियां उफनाती नजर आईं तो कहीं बारिश का पानी लोगों के घरों और दुकानों तक पहुंच गया। जलभराव के कारण स्थानीय लोगों को घंटों परेशानी झेलनी पड़ रही है।
खेतों के लिए बारिश वरदान, लेकिन नुकसान का खतरा भीहै। बारिश का सबसे बड़ा लाभ किसानों को मिला है। धान समेत खरीफ की अन्य फसलों के लिए पर्याप्त बारिश को किसान राहत के रूप में देख रहे हैं। खेतों में नमी बढ़ने से फसलों को फायदा मिलने की उम्मीद है। लेकिन लगातार और तेज बारिश से जलभराव वाले खेतों में फसल खराब होने का खतरा भी बढ़ गया है। जिन खेतों में पानी की निकासी नहीं हो पा रही है, वहां फसलों को नुकसान पहुंचने की आशंका बनी हुई है।आकाशीय बिजली ने चिंता बढ़ाई दी है। बारिश के साथ आकाशीय बिजली गिरने की घटनाओं ने ग्रामीण इलाकों में चिंता बढ़ा दी है। खुले खेतों में काम करने वाले किसान, पशुपालक और ग्रामीण सबसे अधिक जोखिम में हैं। आकाशीय बिजली की घटनाओं में पशुधन के नुकसान के साथ-साथ जनहानि की घटनाएं भी सामने आती रही हैं। ऐसे में प्रशासन की ओर से ग्रामीणों को खराब मौसम के दौरान खुले स्थानों, पेड़ों और बिजली के खंभों से दूर रहने की सलाह दी जा रही है।विकास कार्यों की गुणवत्ता पर सवाल खड़े हो गए हैं। मानसून की बारिश ने जिले में कराए गए विकास कार्यों की गुणवत्ता पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। जिन सड़कों और नालियों को मजबूत और व्यवस्थित होने का दावा किया जाता है, उनमें कई जगह बारिश के बाद खामियां सामने आने लगी हैं। कहीं सड़क धंस रही है तो कहीं जलनिकासी की व्यवस्था फेल नजर आ रही है। कई स्थानों पर निर्माण कार्य के कुछ ही समय बाद टूट-फूट दिखाई देने लगी है।स्थानीय लोगों का आरोप है कि विकास कार्यों के दौरान गुणवत्ता और जलनिकासी जैसे महत्वपूर्ण पहलुओं पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया जाता। बारिश शुरू होते ही निर्माण कार्यों की वास्तविक स्थिति सामने आ जाती है। लोगों का सवाल है कि यदि योजनाओं पर सरकारी धन खर्च किया जा रहा है तो उनके निर्माण की गुणवत्ता की निगरानी आखिर किस स्तर पर की जाती हैजिम्मेदारों की कार्यशैली पर सवाल उठ रहे हैं बारिश ने नगर निकायों, ग्राम पंचायतों और संबंधित विभागों की तैयारियों की भी परीक्षा ले ली है।जलभराव वाले स्थानों पर समय रहते जलनिकासी की व्यवस्था न होने से लोगों की परेशानी बढ़ रही है। ग्रामीण और शहरी क्षेत्र के लोग मांग कर रहे हैं कि जलभराव वाले स्थानों को चिह्नित कर स्थायी जलनिकासी व्यवस्था विकसित की जाए और खराब सड़कों तथा नालियों की तत्काल मरम्मत कराई जाए।फिलहाल बारिश जिले के लिए दोहरी तस्वीर लेकर आई है। एक ओर किसान अच्छी बारिश से राहत महसूस कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर जलभराव, बिजली गिरने, सड़क खराब होने और जलनिकासी की समस्या ने आमजन की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। अब निगाहें प्रशासन और संबंधित विभागों पर हैं कि वे बारिश से पैदा हुई समस्याओं से निपटने के लिए कितनी गंभीरता और तेजी से कदम उठाते हैं।
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