बाढ़-अतिवृष्टि की समीक्षा में डीएम के सख्त निर्देश, फसल क्षति का एरिया-वाइज सर्वे कराएं
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Published - 27 September 2026 5 views
बाढ़-अतिवृष्टि की समीक्षा में डीएम के सख्त निर्देश, फसल क्षति का एरिया-वाइज सर्वे कराएं
नेशनल न्यूज 1 रिपोर्ट संध्या
वास्तविक क्षति का आकलन कराएं, कोई पात्र किसान मुआवजे से वंचित न रहे
बांदा। जनपद में बाढ़ एवं अतिवृष्टि से उत्पन्न परिस्थितियों, जलभराव तथा प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव व्यवस्थाओं की समीक्षा के लिए जिलाधिकारी श्री अमित आसेरी की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में बैठक आयोजित हुई। बैठक में जनहानि, पशुहानि, मकान एवं फसल क्षति, जलभराव, स्वच्छता, पीए सिस्टम, विद्युत आपूर्ति, क्षतिग्रस्त सड़कें, चिकित्सा सेवाएं और पशुओं के टीकाकरण सहित विभिन्न व्यवस्थाओं की विभागवार समीक्षा की गई।
जिलाधिकारी ने संबंधित विभागों को प्रभावित क्षेत्रों में तत्काल आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने तथा संवेदनशील क्षेत्रों में लगातार निगरानी बनाए रखने के निर्देश दिए।
फसल क्षति का एरिया-वाइज सर्वे: उपनिदेशक कृषि से फसलों को हुए नुकसान की जानकारी लेते हुए जिलाधिकारी ने कहा कि अतिवृष्टि से मुख्य रूप से तिल, उड़द और मूंग की फसल प्रभावित हुई है। उन्होंने क्षेत्रवार सर्वे कराकर फसल क्षति का विस्तृत विवरण तैयार करने के निर्देश दिए। साथ ही वास्तविक क्षति का आकलन कर यह सुनिश्चित करने को कहा कि कोई भी पात्र किसान मुआवजे से वंचित न रहे।
जलभराव वाले क्षेत्रों का चिन्हांकन: सभी उप जिलाधिकारियों को अपनी-अपनी तहसीलों के बड़े गांवों एवं जलभराव प्रभावित क्षेत्रों की सूची तैयार करने के निर्देश दिए गए। नालों पर अतिक्रमण और जलभराव के प्रमुख कारणों को चिन्हित कर चोक प्वाइंट्स की सूची तैयार करने को भी कहा गया।
पीए सिस्टम रखें सक्रिय: संवेदनशील एवं प्रभावित क्षेत्रों में स्थापित सभी पब्लिक एड्रेस सिस्टम (पीए सिस्टम) को सक्रिय रखने तथा इनके माध्यम से लोगों को आवश्यक सूचनाएं और सावधानियां लगातार प्रसारित करने के निर्देश दिए गए।
विद्युत व्यवस्था दुरुस्त रखने के निर्देश: अधिशासी अभियंता विद्युत को पीए सिस्टम वाले स्थानों पर निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। साथ ही विद्युत पोल एवं विद्युत व्यवस्था से संबंधित क्षति का सर्वे कराकर आवश्यक मरम्मत कार्य तत्काल कराने को कहा गया।
क्षतिग्रस्त सड़कों की होगी मरम्मत: लोक निर्माण विभाग को अतिवृष्टि से क्षतिग्रस्त एवं गड्ढायुक्त सड़कों का चिन्हांकन कर शीघ्र पैचवर्क और आवश्यक मरम्मत कराने के निर्देश दिए गए। सभी उप जिलाधिकारियों से अपनी-अपनी तहसीलों में खराब सड़कों की सूची उपलब्ध कराने को कहा गया।
स्वास्थ्य सेवाओं पर विशेष जोर: मुख्य चिकित्सा अधिकारी को सभी सीएचसी एवं पीएचसी में चिकित्सकों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। पोस्टमार्टम की कार्यवाही समय से पूरी कराने तथा प्रभावित क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाएं लगातार उपलब्ध रखने को कहा गया।
दूषित पेयजल से बचाव: जलभराव वाले क्षेत्रों में जिन हैंडपंपों के ऊपर पानी आ गया है, उनके पानी का पेयजल के रूप में प्रयोग न करने के लिए लोगों को जागरूक करने तथा आवश्यकता के अनुसार वैकल्पिक पेयजल व्यवस्था कराने के निर्देश दिए गए।
गौशालाओं में प्राथमिकता से टीकाकरण: पशुपालन विभाग को सभी गौशालाओं में पशुओं का प्राथमिकता के आधार पर टीकाकरण कराने के निर्देश दिए गए। कीचड़ एवं जलभराव से प्रभावित गौशालाओं की सूची तैयार कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा गया।
गौशालाओं का स्थलीय निरीक्षण: जिलाधिकारी ने सभी उप जिलाधिकारियों एवं जिला विकास अधिकारी को लेखपालों और ग्राम पंचायत सचिवों के माध्यम से गौशालाओं का स्थलीय निरीक्षण कराने तथा स्थिति की रिपोर्ट शीघ्र उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
जिलाधिकारी ने सभी संबंधित विभागों को ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में जलभराव, स्वच्छता, विद्युत, चिकित्सा, पशु चिकित्सा सहित आवश्यक सेवाओं की लगातार निगरानी करते हुए जरूरत के अनुसार तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अतिवृष्टि एवं बाढ़ की स्थिति को देखते हुए सभी विभाग आपसी समन्वय से पूरी तत्परता के साथ कार्य करें और प्रभावित लोगों को समय से आवश्यक सहायता एवं सुविधाएं उपलब्ध कराएं।
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