एंडोस्कोपिक स्पाइन सर्जरी पर एक राष्ट्रीय कार्यशाला का आयोजन किया
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Published - 20 October 2026 18 views
एंडोस्कोपिक स्पाइन सर्जरी पर एक राष्ट्रीय कार्यशाला का आयोजन किया, जिसमें पूरे भारत से 100 से अधिक न्यूरोसर्जन एक साथ जुटे
नेशनल न्यूज 1 रायबरेली रिपोर्ट माया लक्ष्मी मिश्रा
एम्स, रायबरेली के न्यूरोसर्जरी विभाग ने “रायबरेली मिनिमली इनवेसिव न्यूरोसर्जरी कोर्स' (ARMINC) के तहत एंडोस्कोपिक स्पाइन सर्जरी पर एक राष्ट्रीय कार्यशाला (वर्कशॉप) का सफलतापूर्वक आयोजन किया। 'न्यूरोलॉजिकल सर्जन्स सोसाइटी ऑफ इंडिया' (NSSI) के तत्वावधान में आयोजित इस शैक्षणिक कार्यक्रम में देश भर से 100 से अधिक न्यूरोसर्जन शामिल हुए। उन्होंने यहाँ उन्नत सर्जिकल तकनीकें सीखीं, कैडेवरिक (मृत शरीर पर) हैंड्स-ऑन ट्रेनिंग में हिस्सा लिया, और एंडोस्कोपिक स्पाइन सर्जरी की बारीकियों और चुनौतियों पर चर्चा की। इस कार्यशाला में कई जाने-माने न्यूरोसर्जन शामिल हुए, जिनमें बनारस हिंदू विश्वविद्यालय के प्रो. राज कुमार और प्रो. कुलवंत सिंह, तथा RMLIMS के प्रो. दीपक सिंह, प्रो. प्रकाश नायर और प्रो. शाह वलीउल्लाह प्रमुख थे। इनके अलावा, गुरुग्राम, अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय, हैदराबाद, बेंगलुरु, अहमदाबाद, दिल्ली, तिरुवनंतपुरम और देश के अन्य हिस्सों से आए प्रतिष्ठित फैकल्टी सदस्य और न्यूरोसर्जन भी इसमें शामिल हुए। वैज्ञानिक कार्यक्रम में विशेषज्ञों के व्याख्यान, सर्जिकल वीडियो प्रदर्शन, इंटरैक्टिव चर्चाएं और कैडेवरिक हैंड्स-ऑन ट्रेनिंग शामिल थी। इससे प्रतिभागियों को सर्जिकल एनाटॉमी समझने, अपने तकनीकी कौशल को निखारने और मिनिमली इनवेसिव तकनीकों का व्यावहारिक अनुभव प्राप्त करने का बेहतरीन अवसर मिला।
एम्स रायबरेली की कार्यकारी निदेशक, प्रो. अमिता जैन ने आयोजन टीम को बधाई दी और इस महत्वपूर्ण शैक्षणिक पहल को सफल बनाने के लिए न्यूरोसर्जरी, एनाटॉमी और फिजियोलॉजी विभागों के सामूहिक प्रयासों की सराहना की। उन्होंने सर्जिकल विशेषज्ञता को बढ़ाने और मरीजों की देखभाल में सुधार लाने के लिए विभिन्न विभागों के बीच सहयोग, हैंड्स-ऑन ट्रेनिंग और सतत चिकित्सा शिक्षा (CME) के महत्व पर जोर दिया। इस कार्यक्रम के आयोजन सचिव डॉ. सुयश सिंह ने बताया कि 'एम्स रायबरेली मिनिमली इनवेसिव न्यूरोसर्जरी कोर्स' एक शैक्षणिक पहल है, जिसे इस क्षेत्र में शिक्षा, व्यावहारिक प्रशिक्षण और ज्ञान के आदान-प्रदान को बढ़ावा देने के लिए तैयार किया गया है। कार्यशाला का सफल आयोजन, शैक्षणिक उत्कृष्टता, नवाचार और चिकित्सा पेशेवरों के बीच विशेष सर्जिकल कौशल विकसित करने के प्रति एम्स रायबरेली की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
एंडोस्कोपिक स्पाइन सर्जरी, रीढ़ की हड्डी से जुड़ी समस्याओं के इलाज के तरीके को तेजी से बदल रही है। इसमें छोटे चीरे के जरिए जटिल सर्जिकल प्रक्रियाएं की जाती हैं, जिससे आसपास के ऊतकों को कम से कम नुकसान पहुंचता है। सही मरीजों के मामले में, इन तकनीकों से सर्जरी के बाद कम दर्द होता है, निशान छोटे आते हैं, अस्पताल में कम समय बिताना पड़ता है, और मरीज जल्दी ही अपनी रोजमर्रा की गतिविधियों में लौट सकते हैं। जैसे-जैसे 'मिनिमली इनवेसिव' (कम चीर-फाड़ वाली) सर्जिकल देखभाल की मांग बढ़ रही है, इन आधुनिक तकनीकों को सुरक्षित और प्रभावी ढंग से अपनाने के लिए व्यवस्थित प्रशिक्षण और व्यावहारिक अनुभव बहुत जरूरी हो गए हैं। एम्स रायबरेली का न्यूरोसर्जरी विभाग, एंडोस्कोपिक स्पाइन सर्जरी को आगे बढ़ाने और न्यूरोसर्जन को इन नई तकनीकों में प्रशिक्षित करने के लिए एक महत्वपूर्ण केंद्र बनकर उभरा है।
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