क्षेत्राधिकारी वन ने खुद संभाली कमान, वन माफियाओं पर कसा शिकंजा,प्रतिबंधित पेड़ों की कटान पर बड़ी कार्रवाई, लकड़ी से लदी गाड़ियां सीज, ठेकेदारों में हड़कंप
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Published - 23 June 2026 4 views
क्षेत्राधिकारी वन ने खुद संभाली कमान, वन माफियाओं पर कसा शिकंजा,प्रतिबंधित पेड़ों की कटान पर बड़ी कार्रवाई, लकड़ी से लदी गाड़ियां सीज, ठेकेदारों में हड़कंप
नेशनल न्यूज १रायबरेली रिपोर्ट- कपिल त्रिपाठी
सलोन, रायबरेली। वन क्षेत्र सलोन में प्रतिबंधित पेड़ों की अवैध कटान और लकड़ी तस्करी के खिलाफ वन विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए वन माफियाओं पर शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। क्षेत्राधिकारी वन श्याम सुंदर तिवारी द्वारा स्वयं मोर्चा संभालने के बाद वन क्षेत्र में लगातार छापेमारी और जांच अभियान चलाया जा रहा है, जिससे अवैध लकड़ी कारोबारियों में हड़कंप मचा हुआ है।जानकारी के अनुसार वन क्षेत्र के केमूपुर गांव में पिछले तीन दिनों से इलेक्ट्रॉनिक आरा मशीन के माध्यम से प्रतिबंधित प्रजाति के पेड़ों की कटान और चिरान का कार्य किए जाने की शिकायतें मिल रही थीं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि पूर्व में कई बार शिकायतें किए जाने के बावजूद प्रभावी कार्रवाई नहीं हो रही थी, जिससे वन माफियाओं के हौसले बुलंद थे। क्षेत्राधिकारी वन श्याम सुंदर तिवारी ने मामले को गंभीरता से लेते हुए स्वयं जांच की कमान संभाली और वन विभाग की टीम के साथ मौके पर पहुंचकर कार्रवाई की। अभियान के दौरान प्रतिबंधित पेड़ों की लकड़ी से लदी कई गाड़ियों को पकड़ा गया, जिन्हें सीज कर दिया गया। साथ ही संबंधित लोगों पर वन अधिनियम के तहत कार्रवाई करते हुए भारी जुर्माना भी लगाया गया।वन विभाग की इस कार्रवाई के बाद लकड़ी कारोबार से जुड़े कई ठेकेदारों और तस्करों में खलबली मच गई है। सूत्रों की मानें तो जुर्माने और वाहन सीज होने से कई लोगों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा है। हालांकि स्थानीय लोगों का कहना है कि कुछ वन माफिया ऐसे हैं जो कार्रवाई के बाद कुछ समय तक शांत रहते हैं, लेकिन मौका मिलते ही दोबारा प्रतिबंधित पेड़ों की कटान शुरू कर देते हैं।ग्रामीणों का आरोप है कि क्षेत्र में अवैध कटान का कारोबार बिना स्थानीय स्तर पर मिलीभगत के संभव नहीं है। उनका कहना है कि कुछ जिम्मेदार कर्मचारियों की शिथिलता अथवा कथित सांठगांठ के कारण ही जीवनदायिनी वृक्षों पर लगातार आरा चलता रहा और पर्यावरण को नुकसान पहुंचता रहा। हालांकि इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हो सकी है पर्यावरण प्रेमियों का कहना है कि पेड़ केवल लकड़ी का स्रोत नहीं बल्कि मानव जीवन के आधार हैं। बढ़ते तापमान, घटते भूजल स्तर और प्रदूषण जैसी समस्याओं के बीच हरे-भरे वृक्षों का संरक्षण समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है। ऐसे में अवैध कटान करने वालों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई होना जरूरी है।
क्षेत्राधिकारी वन श्याम सुंदर तिवारी ने स्पष्ट संकेत दिए हैं कि वन संपदा को नुकसान पहुंचाने वालों के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा। विभाग द्वारा निगरानी बढ़ाने, संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखने और अवैध कटान की सूचना मिलने पर तत्काल कार्रवाई करने की बात कही जा रही है।वन विभाग की इस सख्ती से क्षेत्र में यह संदेश गया है कि अब प्रतिबंधित पेड़ों की कटान और अवैध लकड़ी कारोबार करने वालों के लिए बच निकलना आसान नहीं होगा। वहीं ग्रामीणों ने भी वन विभाग से अभियान को लगातार जारी रखने और दोषियों के खिलाफ निष्पक्ष कार्रवाई की मांग की है, ताकि क्षेत्र की हरियाली और पर्यावरण को सुरक्षित रखा जा सके।
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