300 साल पुराने काली मंदिर का अष्टधातु कलश गायब होने का आरोप, कार्यवाही की मांग
-
By
Admin
Published - 31 October 2026 10 views
300 साल पुराने काली मंदिर का अष्टधातु कलश गायब होने का आरोप, कार्यवाही की मांग
नेशनल न्यूज 1 बांदा रिपोर्ट संध्या
जीर्णोद्धार के नाम पर कलश हटाने का दावा, उसकी जगह पीतल का कलश लगाने पर उठे सवाल
बांदा। शहर के कैलाशपुरी स्थित लगभग 300 वर्ष पुराने प्राचीन काली मंदिर के अष्टधातु के कलश को लेकर विवाद गहरा गया है। मंदिर के जीर्णोद्धार के नाम पर पुराने कलश को हटाने और उसकी जगह पीतल का कलश लगाए जाने का आरोप लगाया गया है। मामले में मोहल्ला निवासी कुलदीप पांडेय ने पुलिस अधीक्षक को शिकायती प्रार्थना पत्र देकर जांच, कानूनी कार्रवाई और पुराने कलश की बरामदगी की मांग की है।
शिकायतकर्ता के मुताबिक, प्राचीन काली मंदिर काफी समय से जीर्ण-शीर्ण अवस्था में था। इसी दौरान मंदिर के जीर्णोद्धार की जिम्मेदारी लेते हुए मनीष गुप्ता ने वहां स्थापित अष्टधातु के कलश को उतरवा लिया। आरोप है कि उस समय मोहल्ले के लोगों को आश्वासन दिया गया था कि जीर्णोद्धार पूरा होने के बाद पुराने कलश को दोबारा स्थापित कर दिया जाएगा।
ग्रामीणों के अनुसार, काफी समय बीतने के बाद भी जब पुराना कलश नहीं लगाया गया तो लोगों ने जानकारी मांगी। आरोप है कि इसके बाद मंदिर में पीतल का नया कलश लगा दिया गया और पुराने कलश को कबाड़ में बेचने की बात कही गई। इससे मंदिर की ऐतिहासिक धरोहर को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं।
सर्राफा कारोबारी के पास कलश ले जाने का भी उल्लेख
शिकायती पत्र में शहर के सर्राफा कारोबारी संदीप अग्रवाल (गुड्डा) का भी उल्लेख किया गया है। शिकायतकर्ता के अनुसार, चौकी में पूछताछ के दौरान कारोबारी ने बताया था कि मनीष गुप्ता उनके पास कलश लेकर आए थे। जांच में कलश के अष्टधातु का होने की बात सामने आई थी। हालांकि, शिकायतकर्ता का कहना है कि बाद में मनीष गुप्ता कलश लेकर वापस चले गए थे।
शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि मामले की जानकारी सामने आने के बावजूद अब तक न तो मुकदमा दर्ज हुआ और न ही प्राचीन कलश बरामद किया गया। उन्होंने प्रशासन से पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है।
शालिनी सिंह पटेल ने उठाए सवाल
जनता दल यूनाइटेड की प्रदेश उपाध्यक्ष एवं बुंदेलखंड संगठन प्रभारी शालिनी सिंह पटेल ने मामले पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की। उन्होंने आरोपों पर सवाल उठाते हुए कहा कि मंदिर के जीर्णोद्धार के नाम पर अष्टधातु का कलश हटाकर उसकी जगह पीतल का कलश लगाया जाना गंभीर मामला है। उन्होंने ऐतिहासिक सोमनाथ मंदिर की लूट का उल्लेख करते हुए इस प्रकरण को धार्मिक आस्था और सांस्कृतिक विरासत से जुड़ा गंभीर विषय बताया।
शालिनी सिंह पटेल ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक से मामले का संज्ञान लेकर निष्पक्ष जांच कराने की मांग की। उन्होंने कहा कि यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित व्यक्ति के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर कठोर कानूनी कार्रवाई की जाए। साथ ही पुराने अष्टधातु के कलश को बरामद कराकर मंदिर में पुनः स्थापित कराया जाए।
उन्होंने कहा कि धार्मिक स्थलों की ऐतिहासिक धरोहर समाज की आस्था और सांस्कृतिक विरासत का हिस्सा होती है। ऐसे मामलों में निष्पक्ष जांच कर सच्चाई सामने लाना और दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कार्रवाई करना जरूरी है।
हेडलाइन के अन्य विकल्प:
काली मंदिर के ऐतिहासिक कलश पर विवाद, 300 साल पुरानी धरोहर की बरामदगी की मांग
जीर्णोद्धार के नाम पर अष्टधातु का कलश हटाने का आरोप, एसपी से शिकायत
बांदा के प्राचीन काली मंदिर का कलश कहां गया? जांच और कार्रवाई की मांग
मंदिर की धरोहर गायब होने का आरोप, मुख्यमंत्री से कार्रवाई की गुहार
अष्टधातु के कलश की जगह पीतल का कलश लगाने पर विवाद, प्रशासन से जवाब मांगा
सम्बंधित खबरें
-
उन्नाव में छोटे चौराहे पर कूड़े का अंबार जब कि चार दिन बाद दीपावली का त्योहार उन्नाव ब्यूरो रिप
-
एसएस फाउंडेशन ने गोकर्ण गंगा घाट पर चलाया स्वच्छता अभियान, लोगों को किया जागरूकनेशनल न्यूज 1 रिपोर्ट
-
रन फॉर यूनिटी’ का आयोजन, एकता और अखंडता की दिलाई गई शपथनेशनल न्यूज 1 रायबरेली रिपोर्ट माया लक्ष्मी म