जिम्मेदारों के शहर में बदहाल सड़कें आखिर क्यों रो रहा रायबरेली
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Published - 05 June 2026 45 views
जिम्मेदारों के शहर में बदहाल सड़कें आखिर क्यों रो रहा रायबरेली
नेशनल न्यूज १रायबरेली रिपोर्ट -कपिल त्रिपाठी
रायबरेली। जनपद को प्रदेश और देश की राजनीति में विशेष पहचान प्राप्त है। यहां सांसद के रूप में नेता विपक्ष का प्रतिनिधित्व, प्रदेश सरकार के दो-दो मंत्रियों की मौजूदगी, सदर विधायक, नगर पालिका प्रशासन तथा डबल इंजन सरकार होने के बावजूद शहर की सड़कों की स्थिति गंभीर सवाल खड़े कर रही है। हालात ऐसे हैं कि कई स्थानों पर पैदल चलना तक मुश्किल हो गया है। गड्ढों, उखड़ी सड़कों, जलभराव और अधूरे निर्माण कार्यों से आम नागरिक रोजाना जूझने को मजबूर हैं शहरवासियों का कहना है कि विकास के दावे और धरातल की वास्तविकता में बड़ा अंतर दिखाई देता है। जिन सड़कों से रोज हजारों लोग गुजरते हैं, वहीं जगह-जगह गड्ढे दुर्घटनाओं को आमंत्रण दे रहे हैं। बरसात के दिनों में स्थिति और भयावह हो जाती है, जब सड़क और नाले का अंतर तक समझना मुश्किल हो जाता है। पूर्व में भी शहर के कई इलाकों में जलभराव और क्षतिग्रस्त सड़कों को लेकर सवाल उठते रहे हैं। विरोधाभास यह है कि एक ओर नगर पालिका द्वारा करोड़ों रुपये के विकास कार्यों और बजट की घोषणाएं की जा रही हैं, वहीं दूसरी ओर सड़कों की दुर्दशा जनता के सामने खुली तस्वीर पेश कर रही है। हाल ही में नगर पालिका बोर्ड द्वारा विकास कार्यों के लिए 210 करोड़ रुपये का बजट पारित किया गया तथा विभिन्न विकास योजनाओं पर करोड़ों रुपये खर्च किए जाने की बात कही गई। रायबरेली में सड़क निर्माण और मरम्मत को लेकर विवाद भी सामने आते रहे हैं। हाल ही में शहर की एक करोड़ों रुपये की सड़क निर्माण परियोजना को लेकर गुणवत्ता और कार्यप्रणाली पर सवाल उठे, जिसके बाद स्थानीय लोगों ने नाराजगी जताई। जनता का सवाल सीधा है कि जब जिले में इतने जनप्रतिनिधि और जिम्मेदार अधिकारी मौजूद हैं तो फिर शहर की मुख्य सड़कों की ऐसी हालत क्यों है? यदि जिला मुख्यालय की सड़कें बदहाल हैं तो ग्रामीण क्षेत्रों की स्थिति का सहज अनुमान लगाया जा सकता है। विकास केवल शिलान्यास और भूमिपूजन तक सीमित न रहकर धरातल पर दिखाई देना चाहिए।शहरवासियों का मानना है कि अब समय आ गया है कि संबंधित विभाग, जनप्रतिनिधि और प्रशासन सड़कों की गुणवत्ता, समयबद्ध मरम्मत तथा निर्माण कार्यों की निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करें। क्योंकि सड़कें किसी भी शहर के विकास का आईना होती हैं, और जब सड़कें ही बदहाल हों तो विकास के दावों पर प्रश्नचिह्न लगना स्वाभाविक है।रायबरेली की जनता अब घोषणाओं से अधिक परिणाम देखना चाहती है। आखिर कब तक जिम्मेदारों के शहर की सड़कें बदहाली का दर्द बयां करती रहेंगी और कब मिलेगा नागरिकों को सुरक्षित एवं सुगम आवागमन का अधिकार
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