उत्तर प्रदेश माटी कला बोर्ड की योजनाओं पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित कुम्हार समाज को स्वरोजगार से जोड़ने पर जोर
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Published - 31 July 2026 4 views
उत्तर प्रदेश माटी कला बोर्ड की योजनाओं पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित कुम्हार समाज को स्वरोजगार से जोड़ने पर जोर
नेशनल न्यूज १रायबरेली रिपोर्ट- कपिल त्रिपाठी,
रायबरेली/सलोन, 31 जुलाई। उत्तर प्रदेश माटी कला बोर्ड द्वारा संचालित योजनाओं के व्यापक प्रचार-प्रसार एवं कुम्हार समाज को आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से शुक्रवार को विकास खंड सलोन सभागार में एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का मुख्य विषय "सम्मान, पहचान, उत्थान – अपने ही गांव में रोजगार की नई पहल, ग्रामोद्योग अपनाओ, स्वरोजगार पाओ" रहा।कार्यक्रम में पंडित दीनदयाल उपाध्याय ग्रामोद्योग रोजगार योजना एवं मुख्यमंत्री माटी कला योजना के अंतर्गत कुम्हार समाज के लिए संचालित विशेष योजनाओं की विस्तार से जानकारी दी गई। अधिकारियों ने बताया कि इन योजनाओं का उद्देश्य पारंपरिक माटी कला को आधुनिक तकनीक एवं आर्थिक सहायता के माध्यम से बढ़ावा देना है, ताकि ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के नए अवसर सृजित हों और कारीगरों को अपने गांव में ही आजीविका उपलब्ध हो सके।कार्यक्रम के मुख्य अतिथि सलोन विधायक अशोक कुमार ने कहा कि प्रदेश सरकार पारंपरिक कारीगरों एवं ग्रामीण उद्यमियों को सशक्त बनाने के लिए निरंतर प्रयासरत है। उन्होंने कहा कि माटी कला भारतीय संस्कृति की अमूल्य धरोहर है और सरकार इस परंपरा को संरक्षित करने के साथ-साथ इसे रोजगार का सशक्त माध्यम बनाने के लिए विभिन्न योजनाएं संचालित कर रही है। उन्होंने पात्र लाभार्थियों से योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ उठाने का आह्वान किया।इस अवसर पर नाबार्ड के डीडीएम रविशंकर ने ग्रामीण उद्यमिता एवं स्वरोजगार के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि माटी कला से जुड़े कारीगर आधुनिक तकनीकों को अपनाकर अपने उत्पादों की गुणवत्ता एवं बाजार का विस्तार कर सकते हैं। एलडीएम सुबोध मिश्र ने बैंकिंग सुविधाओं, ऋण एवं वित्तीय सहायता की जानकारी देते हुए लाभार्थियों को योजनाओं के अंतर्गत मिलने वाली बैंकिंग सहायता के बारे में विस्तार से बताया।खंड विकास अधिकारी शशि कुमार तिवारी ने कहा कि ग्रामीण विकास एवं ग्रामोद्योग एक-दूसरे के पूरक हैं। यदि युवा और पारंपरिक कारीगर इन योजनाओं का लाभ उठाएं तो गांवों में रोजगार के नए अवसर विकसित होंगे और पलायन भी कम होगा।जिला ग्रामोद्योग अधिकारी संतोष गौतम ने मुख्यमंत्री माटी कला योजना एवं पंडित दीनदयाल उपाध्याय ग्रामोद्योग रोजगार योजना की पात्रता, आवेदन प्रक्रिया, अनुदान एवं अन्य लाभों की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि सरकार का उद्देश्य प्रत्येक पात्र कारीगर तक योजनाओं का लाभ पहुंचाना है।कार्यक्रम में एडीओ पंचायत जितेन्द्र सिंह सहित विकास विभाग एवं ग्रामोद्योग से जुड़े अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद रहे। कार्यक्रम का सफल संचालन एस.एस. पांडेय ने किया।कार्यक्रम के दौरान उपस्थित लोगों से योजनाओं का अधिकाधिक लाभ उठाकर आत्मनिर्भर बनने एवं ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने का आह्वान किया गया। सभागार में बड़ी संख्या में कुम्हार समाज के लोग, स्वयं सहायता समूहों के सदस्य एवं क्षेत्रीय ग्रामीण उपस्थित रहे। आयोजन का उद्देश्य पारंपरिक माटी कला को नई पहचान दिलाने के साथ-साथ ग्रामीण युवाओं को स्वरोजगार के प्रति प्रेरित करना रहा।
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