मां की आंखों के सामने रपटे में समाया पांच साल का प्रियांशु
-
By
Admin
Published - 17 September 2026 13 views
मां की आंखों के सामने रपटे में समाया पांच साल का प्रियांशु
नेशनल न्यूज 1 बांदा रिपोर्ट संध्या
बाँदा पैलानी।मां की आंखों के सामने उसका पांच साल का मासूम बेटा अचानक चंद्रावल नदी के पानी में समा गया। बच्चे को बचाने के लिए मां चीखती रही और आसपास मौजूद ग्रामीण पानी में उसकी तलाश करते रहे,लेकिन काफी प्रयास के बाद भी उसका पता नहीं चल सका।सूचना पर प्रशासन,पुलिस, एनडीआरएफ टीम और स्थानीय गोताखोर मौके पर पहुंचे और बच्चे की तलाश शुरू कर दी।हादसा बुधवार सुबह करीब आठ बजे पड़ोहरा गांव के पास बने टूटे रपटे पर हुआ।बताया गया कि प्रियांशु पाल (5) पिछले चार-पांच दिनों से बुखार से पीड़ित था।उसकी मां शशि पाल उसे दवा कराने के लिए नांदादेव जा रही थी।चंद्रावल नदी पर बने क्षतिग्रस्त रपटे को पार करते समय मां बच्चे को वहां बनी दीवार के ऊपर से निकाल रही थी।इसी दौरान अचानक बच्चे का संतुलन बिगड़ गया और वह नदी में गिर गया।बच्चे के नदी में गिरते ही मां ने शोर मचाया। उसकी आवाज सुनकर आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंचे और नदी में उतरकर बच्चे को तलाशने लगे।काफी देर तक ग्रामीणों के प्रयास के बाद भी जब बच्चे का पता नहीं चला तो तहसील प्रशासन और पुलिस को सूचना दी गई।
एनडीआरएफ और गोताखोरों ने संभाला मोर्चा
सूचना मिलते ही पैलानी एसडीएम भूपेंद्र सिंह, तहसीलदार महेंद्र गुप्ता, नायब तहसीलदार वेद प्रकाश समेत जसपुरा और पैलानी पुलिस मौके पर पहुंची।तहसील परिसर में मौजूद एनडीआरएफ टीम को भी घटनास्थल पर बुलाया गया। स्थानीय गोताखोरों के साथ एनडीआरएफ टीम ने नदी में बच्चे की तलाश शुरू की।देर तक खोज अभियान जारी रहा।
पिता अहमदाबाद में मजदूरी करता है,घर में मचा कोहराम
प्रियांशु तीन भाई-बहनों में दूसरे नंबर का था।उसके पिता संतोष पाल अहमदाबाद में रहकर मजदूरी करते हैं। हादसे की खबर मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया। बच्चे के बाबा सुखदेव पाल और दादी दुर्गी का रो-रोकर बुरा हाल है।परिजनों को अब मासूम के सकुशल मिलने की उम्मीद है।
दो माह से टूटा पड़ा है रपटा, फिर भी जोखिम उठाकर निकल रहे ग्रामीण
ग्रामीणों का कहना है कि पड़ोहरा का रपटा करीब दो माह से क्षतिग्रस्त है और यहां से आवागमन बंद है।इसके कारण लोगों को आमरा गांव के रास्ते करीब 20 किलोमीटर का अतिरिक्त चक्कर लगाना पड़ता है। हालांकि कई ग्रामीण मजबूरी में टूटे रपटे से होकर ही आवागमन करते हैं।बुधवार का हादसा इसी जोखिम भरे रास्ते पर हुआ।घटना के दौरान मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों के बीच थाना क्षेत्र को लेकर कहासुनी होने की बात भी सामने आई।हालांकि प्रशासन और पुलिस की प्राथमिकता बच्चे की तलाश और राहत-बचाव अभियान रही।
सम्बंधित खबरें
-
मां की आंखों के सामने रपटे में समाया पांच साल का प्रियांशुनेशनल न्यूज 1 बांदा रिपोर्ट संध्याबाँदा पै
-
नगर पंचायत सलोन अध्यक्ष पद के उप निर्वाचन की समय-सारिणी जारी, 13 अक्टूबर को होगा मतदाननेशनल न्यूज 1
-
शासकीय अधिवक्ताओं के रिक्त पदों पर आवेदन आमंत्रित 30 सितम्बर तक भेजे जा सकेंगे आवेदन नेशनल