डेढ़ लाख रुपये मांगने और मुकदमे में फंसाने की धमकी देने का आरोप न्याय न मिलने पर आंदोलन की चेतावनी
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Published - 09 October 2026 6 views
डेढ़ लाख रुपये मांगने और मुकदमे में फंसाने की धमकी देने का आरोप न्याय न मिलने पर आंदोलन की चेतावनी
नेशनल न्यूज 1 बांदा रिपोर्ट संध्या
बांदा। पत्रकार रामकिशोर उपाध्याय की शिकायत पर एडीजी जोन ज्योति नारायण ने संज्ञान लेते हुए डीआईजी चित्रकूटधाम मंडल को अपनी निगरानी में पूरे प्रकरण की बिंदुवार जांच कराने के निर्देश दिए हैं। शुक्रवार को प्रयागराज में एडीजी से मुलाकात कर पत्रकार ने प्रार्थनापत्र सौंपते हुए न्याय की गुहार लगाई। उच्चस्तरीय जांच के निर्देश के बाद मामले में निष्पक्ष जांच की उम्मीद बढ़ गई है। वहीं, बांदा के पत्रकार संगठनों ने न्याय न मिलने पर आंदोलन की चेतावनी दी है।
मामला मुकदमा संख्या 187/2026 से जुड़ा है। पत्रकार रामकिशोर उपाध्याय ने क्षेत्राधिकारी नरैनी प्रवीण यादव पर डेढ़ लाख रुपये मांगने, दबाव बनाने और रकम न देने पर मुकदमे में फंसाकर जेल भेजने की धमकी देने का आरोप लगाया है। पत्रकार का दावा है कि उनके पास कॉल रिकॉर्डिंग, व्हाट्सऐप चैट, स्क्रीनशॉट और अन्य इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य मौजूद हैं। उन्होंने इन साक्ष्यों की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है।
शिकायत के मुताबिक, दो सितंबर को पत्रकार ने कथित पीड़ित अनुज कुमार की वीडियो बाइट और हलफनामा सोशल मीडिया व पत्रकारों के व्हाट्सऐप ग्रुपों में साझा किया था। पत्रकार का कहना है कि वीडियो में अनुज कुमार ने मुकदमे में लगाए गए मारपीट, गाली-गलौज और जातिसूचक शब्दों के इस्तेमाल संबंधी आरोपों से इनकार करते हुए कार्रवाई की इच्छा नहीं होने की बात कही थी। इसके बाद कथित तौर पर दोबारा बयान दर्ज कराए गए और पत्रकार के खिलाफ भी आरोप सामने आए।
पत्रकार ने यह भी दावा किया है कि मुकदमे से संबंधित एक प्रार्थनापत्र पर कथित पीड़ित के हस्ताक्षर नहीं हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि दो से 11 सितंबर के बीच सीओ के गनर के मोबाइल और संबंधित व्हाट्सऐप नंबर के जरिए रुपये मांगने का दबाव बनाया गया। पत्रकार ने कॉल डिटेल, व्हाट्सऐप चैट, प्रार्थनापत्र, हलफनामे और वीडियो की तकनीकी जांच कराने की मांग की है। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
एडीजी से मुलाकात के दौरान पत्रकार ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच, कथित उत्पीड़न से सुरक्षा और आरोप प्रमाणित होने पर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ विधिक एवं विभागीय कार्रवाई की मांग रखी। एडीजी ने डीआईजी चित्रकूटधाम मंडल को अपनी निगरानी में मामले की बिंदुवार जांच कराने के निर्देश दिए हैं। जांच में रुपये मांगने और धमकी देने के आरोपों के साथ मुकदमे से जुड़े दस्तावेजों तथा बयानों की भी पड़ताल की जाएगी।
इधर, बांदा के पत्रकार संगठनों ने मामले में निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए कहा है कि पत्रकारों के खिलाफ होने वाली कार्रवाई की वैधानिकता और निष्पक्षता सुनिश्चित की जानी चाहिए। संगठनों का कहना है कि यदि किसी पत्रकार को खबर प्रसारित करने के कारण दुर्भावनापूर्ण तरीके से निशाना बनाया गया है, तो इसकी भी जांच होनी चाहिए। न्याय न मिलने पर आंदोलन करने और मामले को उच्चाधिकारियों व भारतीय प्रेस परिषद के समक्ष उठाने की चेतावनी दी गई है।
फिलहाल पूरे मामले में एडीजी के निर्देश पर होने वाली जांच अहम मानी जा रही है। आरोपों की सच्चाई और किसी भी तरह की अनियमितता की पुष्टि जांच तथा उपलब्ध साक्ष्यों के परीक्षण के बाद ही हो सकेगी।
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