कथित झोलाछाप डॉक्टरों पर कार्रवाई की मांग पत्रकारों ने प्रशासन को सौंपा ज्ञापन
-
By
Admin
Published - 30 October 2026 55 views
कथित झोलाछाप डॉक्टरों पर कार्रवाई की मांग पत्रकारों ने प्रशासन को सौंपा ज्ञापन
नेशनल न्यूज 1 बांदा रिपोर्ट संध्या
बांदा। जिले में कथित अवैध मेडिकल प्रैक्टिस को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। बिना वैध चिकित्सा डिग्री, निर्धारित योग्यता और पंजीकरण के इलाज करने के आरोपों को लेकर प्रकाशित खबरों के बाद मामला प्रशासन तक पहुंच गया है। खबरों पर आपत्ति जताते हुए कथित झोलाछाप डॉक्टरों की ओर से मीडिया पर रोक लगाने की मांग किए जाने के बाद पत्रकारों में नाराजगी है। बांदा प्रेस ट्रस्ट के बैनर तले दर्जनों पत्रकारों ने विरोध जताते हुए जिलाधिकारी, मुख्य चिकित्सा अधिकारी और पुलिस अधीक्षक को ज्ञापन सौंपा।
वरिष्ठ पत्रकार आत्माराम त्रिपाठी एवं अन्य पत्रकारों द्वारा कथित अवैध मेडिकल प्रैक्टिस को लेकर लगातार खबरें प्रकाशित की जा रही थीं। इसके बाद स्वास्थ्य विभाग की ओर से कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू होने की बात सामने आई। इसी बीच कुछ कथित झोलाछाप डॉक्टरों ने प्रकाशित खबरों पर आपत्ति जताते हुए अधिकारियों से शिकायत की और खबरों पर रोक लगाने की मांग की थी। पत्रकारों ने इस पर विरोध जताते हुए पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग उठाई है।
राजकुमार कुशवाहा पर भी लगाए गए आरोप
मामले में गर्गन पुरवा निवासी राजकुमार कुशवाहा पर भी बिना वैध चिकित्सा डिग्री, निर्धारित योग्यता और पंजीकरण के कई वर्षों से मेडिकल प्रैक्टिस करने के आरोप लगाए गए हैं। हालांकि, इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी। पत्रकारों का आरोप है कि खबरें प्रकाशित होने और विभागीय कार्रवाई की आशंका के बीच पत्रकारों पर दबाव बनाने का प्रयास किया गया। उन्होंने इसे जनहित से जुड़े मुद्दों को उठाने से रोकने की कोशिश बताते हुए आपत्ति जताई।
‘चिकित्सा मित्र’ संगठन की वैधानिक स्थिति जांचने की मांग
पत्रकारों ने कथित ‘चिकित्सा मित्र’ संगठन और उसके पदाधिकारियों की शैक्षणिक योग्यता, चिकित्सा संबंधी डिग्री तथा वैध पंजीकरण की जांच कराने की मांग की है। इसके साथ ही संगठन की वैधानिक स्थिति और उसकी गतिविधियों की भी जांच कराए जाने की मांग उठाई गई है।
शपथ पत्रों में दर्ज नामों के आधार पर हो जांच
बांदा प्रेस ट्रस्ट के बैनर तले सौंपे गए ज्ञापन में मांग की गई कि संबंधित शपथ पत्रों और आवेदनों में दर्ज नामों के आधार पर सभी संदिग्ध व्यक्तियों को चिह्नित किया जाए। उनके चिकित्सा संबंधी दस्तावेजों, शैक्षणिक योग्यता, डिग्री और पंजीकरण की विधिवत जांच कराई जाए।
पत्रकारों ने स्वास्थ्य विभाग के विशेषज्ञों और संबंधित तकनीकी अधिकारियों की संयुक्त टीम गठित कर स्थलीय निरीक्षण के साथ दस्तावेजों की जांच कराने की मांग की। साथ ही जांच में आरोप सही पाए जाने पर संबंधित लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई करने और अवैध मेडिकल प्रैक्टिस पर प्रभावी अंकुश लगाने की मांग की गई।
पत्रकारिता पर दबाव स्वीकार नहीं, निष्पक्ष जांच की मांग
पत्रकारों का कहना है कि जनहित से जुड़े मामलों को सामने लाना मीडिया की जिम्मेदारी है। यदि किसी खबर पर आपत्ति है तो संबंधित व्यक्ति साक्ष्यों और दस्तावेजों के साथ अपना पक्ष रख सकता है, लेकिन खबरों के प्रकाशन पर रोक लगाने के लिए दबाव बनाना उचित नहीं है।
पत्रकारों ने प्रशासन से पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराकर आरोपों की सत्यता के आधार पर कार्रवाई करने की मांग की है। अब निगाहें जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग के अगले कदम पर टिकी हैं।
सम्बंधित खबरें
-
त्योहार से पहले पुलिस की छापेमारी, पटाखा गोदामों का लिया जायजानेशनल न्यूज 1 बांदा रिपोर्ट संध्याक्षे
-
कथित झोलाछाप डॉक्टरों पर कार्रवाई की मांग पत्रकारों ने प्रशासन को सौंपा ज्ञापननेशनल न्यूज 1 बांदा रि
-
डीएम और एसपी ने PET परीक्षा केंद्रों का किया निरीक्षण, 3122 अभ्यर्थी रहे अनुपस्थितनेशनल न्यूज 1 रायब
-
दीपावली पर्व के पहले मिलावटखोरों पर फूड विभाग की बड़ी कार्यवाहीनेशनल न्यूज 1 रायबरेली रिपोर्ट
-
बघौला ग्राम सभा में मेला शुरू हुआनेशनल न्यूज 1 रायबरेली रिपोर्ट माया लक्ष्मी मिश्रारायबरेली जिले की