जल जीवन मिशन हर घर नल से जल योजना के ऑपरेटरों की भूमिका पर उठ रहे सवाल आखिर कहां चल रही हैं मोटरें और कहां सूखी पड़ी हैं टोंटियां
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Published - 16 July 2026 3 views
जल जीवन मिशन हर घर नल से जल योजना के ऑपरेटरों की भूमिका पर उठ रहे सवाल आखिर कहां चल रही हैं मोटरें और कहां सूखी पड़ी हैं टोंटियां
नेशनल न्यूज १रायबरेली रिपोर्ट कपिल त्रिपाठी
सलोन/रायबरेली। केंद्र एवं प्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी जल जीवन मिशन "हर घर नल से जल" योजना का उद्देश्य प्रत्येक ग्रामीण परिवार तक शुद्ध पेयजल पहुंचाना है, लेकिन तहसील क्षेत्र के कई गांवों में यह योजना अभी भी अपेक्षित परिणाम नहीं दे पा रही है। कहीं पानी की आपूर्ति नियमित है तो कहीं ग्रामीणों को कई-कई दिनों तक जल संकट का सामना करना पड़ रहा है। ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि योजना में तैनात ऑपरेटर आखिर कहां-कहां मोटर चला रहे हैं और उन्हें समय पर मानदेय मिल भी रहा है या नहीं।ग्रामीण क्षेत्रों में चर्चा है कि कई गांवों में पानी की टंकियां और पाइपलाइन तो बन गई हैं, लेकिन नियमित संचालन और रखरखाव की व्यवस्था कमजोर होने के कारण लोगों को पर्याप्त पानी नहीं मिल पा रहा है। कुछ स्थानों पर ऑपरेटरों का कहना है कि उन्हें कई महीनों से मानदेय नहीं मिला है, जबकि जिम्मेदारी के तहत प्रतिदिन मोटर चलाकर जलापूर्ति सुनिश्चित करनी पड़ती है। मानदेय भुगतान में देरी के कारण कई ऑपरेटरों में असंतोष भी देखने को मिल रहा है।वहीं जिन गांवों में जलापूर्ति प्रभावित है, वहां इसके पीछे कई कारण सामने आ रहे हैं। कहीं बिजली आपूर्ति बाधित रहने से मोटर नहीं चल पाती, तो कहीं मोटर खराब होने या पाइपलाइन में लीकेज के कारण पानी घरों तक नहीं पहुंच पाता। कुछ गांवों में ओवरहेड टैंक बनने के बावजूद तकनीकी खामियों के चलते योजना पूरी क्षमता से संचालित नहीं हो रही है। कई स्थानों पर भूमिगत पाइपलाइन क्षतिग्रस्त होने की शिकायतें भी ग्रामीणों द्वारा की जा रही हैं।ग्रामीणों का आरोप है कि कई बार शिकायत करने के बावजूद समय पर समस्या का समाधान नहीं होता, जिससे उन्हें हैंडपंप और निजी साधनों पर निर्भर रहना पड़ता है। लोगों का कहना है कि सरकार की मंशा अच्छी है, लेकिन जिम्मेदार एजेंसियों और संबंधित अधिकारियों की उदासीनता के कारण योजना का लाभ सभी तक समान रूप से नहीं पहुंच पा रहा है।क्षेत्र के जागरूक नागरिकों ने मांग की है कि जल जीवन मिशन के अंतर्गत संचालित सभी गांवों की समीक्षा कर यह सार्वजनिक किया जाए कि किस गांव में कितने समय तक मोटर संचालित हो रही है, कितने परिवारों को नियमित जलापूर्ति मिल रही है तथा ऑपरेटरों का मानदेय भुगतान किस स्थिति में है। साथ ही जहां जलापूर्ति बाधित है वहां के कारणों का तत्काल निराकरण कर ग्रामीणों को योजना का पूरा लाभ दिलाया जाए।अब देखना यह होगा कि संबंधित विभाग और प्रशासन इस महत्वाकांक्षी योजना की जमीनी हकीकत पर कितना गंभीरता से ध्यान देता है और "हर घर नल से जल" का सपना वास्तव में हर घर तक कब पहुंच पाता है।
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